Sunday, 17 June 2018

How to Convert our Weakness to Strength






                                                   किस्मत के गुलाम मत बनो

बहुत सारे लोग अपनी जिंदगी में बहुत कुछ पाना चाहते हैं, बहुत सारे लोग बेताब हैं खुद को साबित करने के लिए, बहुत सारे लोग अन्दर से तड़प रहे हैं – वो तड़प रहे हैं इस खुले आसमान में एक आजाद परिंदे की तरह उड़ने के लिए, बहुत सारे लोग बहुत कुछ करना चाहते हैं पर वो कैद हैं, वो कैद हैं उन अनदेखी दीवारों के पीछे जहाँ से वो निकल नहीं पा रहे. रिश्तों की दीवारें, समाज की दीवारें, गरीबी की दीवारें – फ़ैल हो जाने का डर, कुछ न कर पाने का डर और न जाने ऐसी कितनी दीवारें जिन्होंने इन लोगों को रोक रखा है आगे आने से. लेकिन सच क्या है ? – क्या सच में ये दीवारें इतनी स्ट्रोंग हैं की आप बस इनकी ही वजह से रुके हुए हो –

हाथी के बच्चे की कहानी जानते हो न- कैसे उसके मालिक ने बचपन में उसके पिछले पैर को एक रस्सी से हमेशा बाँध कर रखा, असल में उस वक्त उसके मालिक ने उसके पिछले पैर को नहीं बाँधा था उसने हाथी के मन को बांधा था- एक बार उसने हाथी के मन को बाँध दिया और फिर हाथी हमेशा के लिए उसका गुलाम हो गया, हाथी के मन ने उसके चारों तरफ यहीं अनदेखी दीवारें खड़ी कर दी जो आज आपके मन ने आपके चारों तरफ खड़ी कर रखी हैं. अपने अंदर झाँक कर देखो- आप इस मन के गुलाम बन चुके हो- जो दीवारें आपको दिखाई दे रही हैं इनका कोई वजूद नहीं है- ये सब आपके मन का किया हुआ है- खुद को पहचानो अपनी ताकत को समझो – आप एक आजाद और ताकतवर इंसान हो – एक गुलाम की तरह मत behave करो . इन झूठी दीवारों के उस पार देखने की कोशिश करो-
मुझे पता है की आप भी सपने देखते हो- आप भी अन्दर से तड़प रहे हो- आप परेशान हो खुद को साबित करने के लिए – आपके दिमाग में बहुत सारे बेहतरीन आइडियाज हैं- और आप जानते हो की इनमे से कोई एक आईडिया भी अगर काम कर गया तो आपकी जिंदगी बदल जाएगी लेकिन आप उन्हें अपनी जिंदगी में अप्लाई नहीं कर रहे हो –
वजह : ये अनदेखी मन की बनाई हुई दीवारें – जिन्होंने आपको कैद कर रखा है-
किसके घर में पैदा होना है यान कैसे माहौल में पैदा होना है ये इंसान नहीं तय कर सकता – लेकिन उस इंसान को अपने जिंदगी कैसे जीनी है – वो अपने लिए किस तरह की लाइफ चाहता है- ये उसे ही तय करना होता है,  इसलिए सोचो इसके बारे में – क्यूँ रुके हो-किसके लिए रुके हो-  आज तोड़ दो इन दीवारों को – हो जायो आजाद- आज वक्त है – आप कैसी जिंदगी जीना चाहते हो – आज खुद के लिए चुनो इसे

                                                                                                                      By Pavan Kumar Pal